Thursday, July 19, 2012

Laghu Katha Short Story

न्याय 
एक ग्वालिन नजदीक के शहर से दूध बेचकर वापस अपने गाँव आ रही थी। रास्ते में तालाब के किनारे थोड़ा -विश्राम करने बैठ गयी। वट वृक्ष की घनी छाया और पानी की ठंडी हिलोरें थकावट के कारण ग्वालिन को नींद-सी आने लगी। उस पेड़ पर एक चंचल बन्दर का निवास था। इधर ग्वालिन को नींद आई और उधर वह बन्दर लोटे के पास रखी हुई पैसों की थैली ले भागा।
जागने पर ग्वालिन को पता लगा तो उसने बहुत देर तक बन्दर के निहोरे किये, उसके बार-बार हाथ जोड़े। काफी परेशान करने के बाद बंदर ने थैली खोली। एक पैसा तालाब के पानी में फेंकता और एक पैसा उसके लोटे में। ठीक आधी पूंजी ग्वालिन के पल्ले पड़ी। ग्वालिन को मन-ही-मन बड़ा अचरज हुआ कि  यह बन्दर तो अदल न्यायी निकला, दूध के पैसे दूध में और पानी के पैसे पानी में। अनजाने में ही उसने न्यायोचित फैसला कर दिया।
साभार 'कादम्बिनी'  

Laghu Katha Short Story

न्याय का भेद 
एक गूजर किसी बनिये का कर्जदार था। गूजर का दुर्भाग्य कि हर साल कुछ-न-कुछ अनहोनी होती रही। कर्ज चुकाना उसके लिए मुश्किल हो गया। अपने रुपयों का जोखिम देख बनिए ने उस पर मुकदमा दायर कर दिया। अपने हक़ में जल्दी फैसला हो जाने की नीयत से बनिए ने हाकिम को बीकानेर की एक बढ़िया पगड़ी उपहार में दी।
गूजर ने देखा कि  न्याय की इन कचहरियों में रिश्वत से ही काम बनता है तो उसने भी चुपके से अत्यधिक दूध देने वाली एक भैन हाकिम को नजराने में दी। हाकिम ने गुजर के हक़ में फैसला सुना दिया।
न्यायालय में खड़ा बनिया रिश्वत का भेद कैसे प्रकट करता परन्तु फिर उसने इशारे-इशारे में समझाते हुए सिर  की पगड़ी को हाथ में लेकर याचना के स्वर में कहा, "अन्नदाता, मेरी पगड़ी की कुछ को तो लाज रखिये!"
हाकिम उसके इशारे को समझ गया। वापस उसने वैसा ही जवाब दिया, "सेठजी, तुम्हारी पगड़ी तो भैंस चर गयी!"
साभार 'कादम्बिनी' 

Sunday, September 4, 2011

उड़ी रे पतंग मेरी!

ऐसा माना जाता है  कि पतंग का आविष्कार चीन में हुआ.
दुनिया की पहली पतंग ४६९ में बनाई गयी थी.
धीरे धीरे पतंग बर्मा, जापान, कोरिया, अरब, उत्तरी अफ्रीका और भारत में नजर आने लगीं.
प्रारंभ में रेशम के महीन कपड़े से पतंग का निर्माण होता था. वजन में हलकी होने के कारण पतंग आसानी से  उड़ सकती थीं.
कागज़ का आविष्कार होने के बाद पतले कागज़ से पतंगें बनाई जाने लगीं.
गौर करने वाली बात ये है कि पतंग के पारंपरिक रूप से लेकर आधुनिक रूप तक बांस का प्रयोग जारी रहा.
भारत की लोकभाषा में पतंग को कनकौए या कनकैया कहकर पुकारा जाता है. 
थाईलैंड के लोग अपनी प्रार्थनाओं को  भगवान तक पहुंचाने के  लिए बरसात के दिनों में अपनी-अपनी पतंगे उड़ाया करते थे. 
बाली में जुलाई महीने के अंत में एक उत्सव में पतंगे उड़ाकर  ईश्वर से अच्छी फसल और खुशहाली की प्रार्थना की जाती है. 
बरमूडा में ईशटर के अवसर पर पतंग उड़ाने का चलन है. 
हमारे देश भारत में मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का प्रचलन है.

- साभार अहा जिन्दगी

Saturday, June 25, 2011

जीनियस Genius

Intellectuals solve problems;
   geniuses prevent them.
                   - Albert Einstein 


यदि आप अपने बच्चे को जीनियस बनाना चाहते हैं तो उसे परियों की कहानियां सुनाइए. और अगर और अधिक जीनियस बनाना चाहें तो उसे और अधिक परियों की कहानियां सुनाइए.  - अल्बर्ट आइन्स्टाइन 

Friday, June 24, 2011

सत्संग Satsang

कबीरा संगत साधु की, हरै और की व्याधि. 
संगत बुरी असाधु की आठो पहर उपाधि.
                                             - कबीर 

धन Wealth

बच्चा जब पैदा होता है तो उसके वस्त्रों में जेब नहीं होती और जब मनुष्य मर जाता है, तब उसके कफ़न में भी जेब नहीं होती. जेब तो जन्म और मरण के बीच में आती है और जब से जेब बीच  में आने लगी है, तब से मनुष्य खिलाड़ी हो गया है. रुपये के लिए कितने बुरे काम होते हैं . - रमेश  भाई ओझा  

संकल्प Determination

कुछ कर गुजरने के लिए मौसम नहीं मन चाहिए.
साधन सभी जुट जायेंगे संकल्प का धन चाहिए.

गहन संकल्प से ही संभव है पूर्ण सफलता. - सीता राम गुप्ता 

आत्म विकास Self development

जिसने अपने को वश में कर लिया है, उसकी जीत को देवता भी हार में नहीं बदल सकते.  - महात्मा बुद्ध


Strength does not come from physical capacity. It comes from an indomitable will. - M.K.Gandhi 

Life is change
   Growth is optional
       Choose wisely.


No one can disgrace us but ourselves.


मनुष्य अपनी क्षमताओं  की कभी कदर  नहीं करता, वह हमेश उस चीज की आस लगाये रहता है जो उसके पास नहीं है. - हेलेन कलर की किताब 'स्टोरी आफ लाइफ़' 

Wednesday, June 22, 2011

मौन (Maun)

वाणी चांदी है तो मौन सोना है. 

सुनना एक कला है. इस कला के लिए कान और ध्यान दोनों चाहिए. 

व्यर्थ सुनने वालों से बचना भी एक कला है. 

व्यर्थ की बातों से खुद को बचाना भी एक कला है. 

बीती बातों को भूलने का सर्वोत्तम तरीका है हमेश नई और रचनात्मक बातें सुनना व  सोचना
या उसमें रमण करना. 

वाणी से सुनने के अलावा हम वक्ता से निकलने वाली अदृश्य तरंगो से भी बहुत कुछ सुनते हैं.
यह अधिक प्रभावशाली होता है. इसी को मौन की भाषा कहते हैं. 
                                                                                                       - विजय कुमार सिंह  

मौन से मतलब वाणीविहीन बनना नहीं हैं. सही समय पर सही बात कहना, 
बडबोलेपन से बचना भी मौन है.  - कानन झिंगन 

धर्म (Dharm) Religion

जो दृढ राखे धर्म को, 
       नेहि राखे करतार. 

जहाँ धर्म नहीं, वहां विद्या, लक्ष्मी. स्वास्थ्य आदि का भी अभाव होता है. 
धर्मरहित स्थिति में बिलकुल शुष्कता होती है,  शून्यता होती है. - महात्मा गाँधी 

पर हित सरिस धर्म नहिं भाई. 
पर-पीड़ा सम नहिं अधमाई. 
- संत तुलसीदास 


मनुष्य की धार्मिक वृत्ति ही उसकी सुरक्षा करती है. - आचार्य तुलसी 

धर्मो रक्षति रक्षतः - महाभारत 
अर्थात मनुष्य धर्म की रक्षा करे तो धर्म भी उसकी रक्षा करता है. 

धार्मिक व्यक्ति दुःख को सुख में बदलना जानता है.  - आचार्य तुलसी 

धार्मिक वृत्ति बनाये रखने वाला व्यक्ति कभी दुखी नहीं हो सकता और 
धार्मिक वृत्ति को खोने वाला कभी सुखी नहीं हो सकता.  - आचार्य तुलसी 

प्रलोभन और भय का मार्ग बच्चों के लिए उपयोगी हो सकता है. लेकिन सच्चे धार्मिक व्यक्ति के दृष्टिकोण में कभी लाभ हानि वाली संकीर्णता नहीं होती. -  आचार्य तुलसी  

Monday, June 20, 2011

दान (Daan)

जब घर में धन और नाव में पानी आने लगे, तो उसे दोनों हाथों से निकालें. 
ऐसा करने में बुद्धिमानी है. हमें धन की अधिकता सुखी नहीं बनाती.  - संत कबीर   


दान से वस्तु  घटती नहीं बल्कि बढ़ती है.  


दान के लिए वर्तमान ही सबसे उचित समय है. 
युधिस्तर के पास एक भिखारी आया. उन्होंने उसे अगले दिन आने के लिए कह दिया. इस पर भीम हर्षित हो उठे. उन्होंने सोचा कि उनके भाई ने कल तक के लिए मृत्यु पर विजय प्राप्त कर ली है.  - महाभारत      


विनम्र भाव से ऐसे दान करना चाहिए जैसे उसके लेने से आप कृतज्ञ हुए. - डा. के. के. अग्रवाल  



भाग्य (Bhagya) Fortune

मनुष्य स्वयं अपने भाग्य का निर्माता है. 

Wednesday, June 15, 2011

चरित्र (Charitra) Character

बुद्धि के साथ सरलता, नम्रता तथा विनय के योग से ही सच्चा चरित्र बनता है. 


आत्मविश्वास (Aatmavishwas) Self-confidence

आत्मविश्वास हमारे उत्साह को जगाकर हमें जीवन में महान उपलब्धियों के मार्ग पर ले जाता है. 




पेड़ की शाखा पर बैठा पंछी कभी भी इसलिए नहीं डरता कि डाल हिल रही है, 
क्योंकि पंछी डाली में नहीं अपने पंखों पर भरोसा करता है. 

Monday, June 13, 2011

चित्रकारी (Chitrakari) Painting

मैं चित्रकारी करूँ तो आप अपने हाथों से आसमान थाम लीजिये क्योंकि अपने कैनवास के विस्तार का खुद मुझे भी कुछ पता नहीं. 
- मकबूल फ़िदा हुसैन 

सपना (Sapna) Dream

सपने देखना बेहद जरुरी है, लेकिन केवल सपने देखकर ही मंजिल को हासिल नहीं किया जा सकता. सबसे ज्यादा जरुरी है जिंदगी में खुद के लिए कोई लक्ष्य तय करना.
डा. अब्दुल कलाम       
   

हँसना मना है (Jokes)

एक बार की बात है एक व्यक्ति एक भीड़ भरी बस में सफ़र कर रहा था. एक जगर बस रुकने पर एक ग्रामीण बकरी को साथ लिए जबरदस्ती बस में चढ़ गया. कन्दक्टर  ने उसे धक्का देकर नीचे उतार दिया. ग्रामीण ने तमतमाकर कन्दक्टर की ओर देखा और कहा, अगर साथ में लेडीज सवारी न होती तब तुझे बताता. उसकी बात का अर्थ समझते ही बस में सवार सभी यात्री मुस्कुराये बिना न रह सके. 
-सुनील चक्रबर्ती 
साभार 'आहा जिंदगी' 


एक बार एक सज्जन जबलपुर से दिल्ली जा रहे थे. डिब्बे में भीड़-भाड़ जादा  थी. उन्हें शरारत सूझी. उन्होंने बैग  से एक रबर का सांप निकला ओर चुपके से डिब्बे में छोड़ दिया और चिल्लाने लगे, 'सांप सांप सांप.' थोड़ी देर में डिब्बा खाली हो गया. उसने जल्दी से अपना बिस्तर जमाकर जगह रोक ली. सुबह जब आँख खुली तो पांच बजे थे और गाड़ी किसी स्टेशन पर खड़ी थी. उसने खिड़की से बाहर झांककर रेलवे के किसी कर्मचारी से पूछा, 'यह कौन सा स्टेशन है?' 'जवाब मिला जबलपुर. उसने पूछा, 'क्या गाड़ी दिल्ली नहीं गयी?' कर्मचारी ने जवाब दिया गाड़ी तो दिल्ली गयी लेकिन गाड़ी में सांप निकलने के कारण इस डिब्बे को काट दिया गया. 
-राजन अवस्थी 
साभार 'आहा जिंदगी' 

Friday, June 10, 2011

Customer

Make all your customers feel as if they are the most important.


Sales gets customers; service keeps them.


Happy customers tell few; unhappy customers tell many.

गुब्बारा Balloon

मालिक को डाँटते हुए कहा गुब्बारे ने 
'फुलाना है तो पम्प उठाओ हवा भरो 
तब कहीं जाकर फूल पाऊँगा 
गुब्बारा हूँ कोई इंसान नहीं कि  तुम 
मेरी तारीफ़ करो और मैं फूल जाऊं.' 


गुब्बारा और इन्सान दोनों ही जानते हैं कि
जरुरत से ज्यादा फूल जाना ही नियति है 
पर बाज नहीं आते नादानी से 
सबक लेते ही नहीं एक-दूसरे की कहानी से. 


मुझे गर्व है अपने अज्ञान पर 
जिसके बल पर टिका हुआ  हूँ अब तक 
क्योंकि जिस गुब्बारे में होती है 
कुछ कम हवा वो जल्दी नहीं फटता. 

- सुभाष कालरा 

नारी है सभ्यता और संस्कृति की प्रतीक

जीवन की कला को अपने हाथों से साकार कर 
नारी ने सभ्यता और संस्कृति का रूप निखारा है. 
नारी का अस्तित्व ही सुन्दर जीवन का आधार है. 

विश्व महिला दिवस पर नारी शक्ति को नमन 

Tuesday, June 22, 2010

धन (Dhan) Wealth

धन अच्छा सेवक है, परन्तु ख़राब स्वामी भी है।

एक बार सिकंदर से पूछा गया कि तुम धन क्यों एकत्र नहीं करते? तब उसका जवाब था कि इस डर से कि उसका रक्षक बनकर कहीं भ्रष्ट न हो जाऊं।

Wednesday, September 16, 2009

ईश्वरीय प्रेम

एक आदमी ने ईश्वर से पूछा, आपके प्रेम और मानवीय प्रेम में क्या अन्तर है। ईश्वर ने कहा, आसमान में उड़ता पंछी मेरा प्रेम है और पिंजरे में कैद पंछी मानवीय प्रेम है।

Monday, July 20, 2009

People who waste time

People who have time on their hands will inevitably waste the time of people who have work to do.

जोखिम Risk

If you risk nothing, then you risk everything.
-Gena Devis

सरल (Saral) Simple

There is no such thing as simple. Simple is hard.
-Martin Scorsese

प्रतिशोध Revenge

An eye for eye only ends up making the whole world blind. – Mahatma Gandhi

Sunday, July 19, 2009

Friday, July 17, 2009

साहस

हमारी सुरक्षा, हमारी अर्थव्यवस्था और हमारे ग्रह के लिए बदलाव लाने का हममें साहस और प्रतिबद्धता होनी चाहिए। - बराक ओबामा, अमेरिकी राष्ट्रपति

Tuesday, July 14, 2009

सेवा

बुजुर्गों की सेवा ही सच्ची पूजा है।

भूखों को अन्न देने और अपाहिजों की मदद करने से प्रभु प्रसन्न होते हैं।


बिना सेवा भाव के ज्ञान उस इंजन के समान है, जो शोर तो खूब कर सकता है लेकिन चल नहीं सकता. - विजय खरे  

आचरण

आचरण अच्छा हो तो मन में अच्छे विचार ही आते हैं।

Sunday, April 26, 2009

तनाव

हममें से हर कोई महान नहीं बन सकता और महान कार्य नहीं कर सकता पर हम छोटे-छोटे कार्य महानता से कर सकते हैं और तनावमुक्त हो सकते हैं।
-प्रमोद बत्रा

सच्चाई

सच्चाई खुशी देने के लिए है और सच्चाई तनावग्रस्त का विलोम है

दूसरों को खुशी दीजिये...अपना तनाव कम करने के लिए। आप उनके आनंद में अपनी खुशी पाएंगे। एक आत्मकेंद्रित व्यक्ति कभी खुश नही रह सकता और न ही उसको दिमागी शान्ति प्राप्त होती है। स्वार्थ भावना रहित किया गया कार्य विशुद्ध खुशी लाता है। बिना कुछ खर्च किए दूसरों की मदद करने के कई तरीके हैं। इसके लिए सिर्फ़ एक शुद्ध ह्रदय की आवश्यकता होती है।

- प्रमोद बत्रा

Wednesday, December 31, 2008

HAPPY NEW YEAR

A brand new year 2009 is here,
Open your heart and be of good cheer.
A year full of promise and good things to come.
In your list of resolutions, let good deeds be one.
Help one another and give of your love,
for that will be pleasing to the God within.

Courtesy : http://www.thankyouink.com

जरा मुस्कराइए

कमाल की दीवार

एक ग्रामीण पिता - पुत्र अपने नजदीकी शहर में शॉपिंग मॉल देखने गए। वहां की हर चीज देखकर वे आश्चर्यचकित थे, लेकिन एक जगह एक खुलने और बंद होने वाली दीवार (लिफ्ट ) देखकर वे विशेष रूप से प्रभावित हुए। उन्होंने ऐसी लिफ्ट पहले कभी नहीं देखी थी। जिस समय वह पिता-पुत्र आंखें फाड़कर उस दीवार की ओर देख रहे थे उसी समय एक बूढ़ी औरत उस दीवार के अन्दर चली गयी और दीवार फ़िर बंद हो गयी। थोड़ी देर बाद दीवार अपने आप खुली और एक खुबसूरत लड़की बाहर निकली । पिता यह सब देखकर चिल्लाते हुए पुत्र से बोला - बेटा जल्दी घर जा और अपनी माँ को लेकर आ।

Saturday, December 20, 2008

कदरदानी

आलिम अन्दर मयाने जाहिल रा।
मसले गुप्तः अंद सद्दिकां॥
शाहिदे दर मयाने कोरानस्त।
मशहफ़े दर मयाने जिन्दी कां॥
- शेख सादी

विद्वानों की कदर विद्वान ही करते हैं। मूर्खों में विद्वानों की वैसी ही दशा होती है जैसे अंधों में किसी सुंदरी की और नास्तिकों में सदग्रंथ की। एक अन्धे पुरूष की पत्नी की व्यथा इस बात से प्रकट होती है - सखी री ! काहे को करूं मैं सिंगार, पिया मोरे आंधरे। इसी प्रकार सदग्रंथ की कदर नास्तिक और मूर्ख नहीं कर सकते, न उससे लाभ उठा सकते हैं।

Friday, November 14, 2008

आनंद Joy

मनुष्य अपने आनंद का निर्माता स्वयं है। - थोरो


हर्ष के साथ शोक और भय इस प्रकार लगे हैं जैसे प्रकाश के संग छाया. 
सच्चा सुखी वही है जिसकी दृष्टि में दोनों समान हैं. - धम्मपद 

आनंद ही ब्रह्म है, आनंद से ही सब प्राणी उत्पन्न होते हैं. उत्पन्न होने पर आनंद से ही जीवित रहते हैं और मृत्यु  से आनंद में समा जाते हैं. - उपनिषद 

Wednesday, November 12, 2008

गुणी

हीरा पड़ा बाज़ार में, रहा छार लपटाय।

बहुतक मूरख चलि गए, पारख लिया उठाय॥

- कबीर


Virtue is never left to stand alone. - Confucius

Sunday, September 21, 2008

शांति Peace

जिस शांति की तुमको तलाश है, वह तुमसे दूर नहीं है। वह तुम्हारे अन्दर है और जब तक तुम जीवित हो, तुम्हारे अन्दर रहेगी।
हर एक मनुष्य के अन्दर संभावना है कि वह जीते-जी शांति का अनुभव कर सके। यह है हमारा संदेश।
- प्रेम रावत

Tuesday, September 2, 2008

संस्कृति Culture

भारत की एकता का मुख्य आधार है एक संस्कृति, जिसका उत्साह कभी नहीं टूटा। यही इसकी विशेषता है। भारतीय संस्कृति अक्षुण्ण है, क्योंकि भारतीय संस्कृति की धारा निरंतर बहती रही है और बहेगी। -महामना मदनमोहन मालवीय
आस्तिक भावना और ईश्वर में विश्वास भारतीय संस्कृति का मुख्य अंग है। -प्रकाशवीर शास्त्री
कोई भी संस्कृति जीवित नहीं रह सकती यदि वह अपने को अन्य से पृथक रखने का प्रयास करे। -महात्मा गाँधी
युग-युग के संचित संस्कार, ऋषि-मुनियों के उच्च विचार।
धीरों-वीरों के व्यवहार, हैं निज संस्कृति के श्रृंगार॥ -मैथिलीशरण गुप्त
हिंदू संस्कृति आध्यात्मिकता की अमर आधारशिला पर आधारित है। -स्वामी विवेकानंद
आदमी या औरत की संस्कृति का पता इस बात से लगता है कि व्यक्ति झगड़े के समय कैसा आचरण करता है। - जार्ज बर्नार्ड शा

Sunday, August 31, 2008

समय Time

जैसे नदी बह जाती है और लौटकर नहीं आती, उसी प्रकार रात और दिन मनुष्य की आयु लेकर चले जाते हैं, फिर नहीं आते। - महाभारत
जो अपने समय का सबसे ज्यादा दुरूपयोग करते हैं, वे ही समय की कमी की सबसे ज्यादा शिकायत करते हैं। -ब्रूयर
एक युग विशाल नगरों का निर्माण करता है, एक क्षण उसका ध्वंस कर देता है। -सेनेका
बीता हुआ समय और कहे हुए शब्द कदापि वापस नहीं आ सकते। -कहावत
मैंने समय को नष्ट किया है। अब समय मुझको नष्ट कर रहा है। -शेक्सपीयर
समय का उचित उपयोग करना समय को बचाना है। -बेकन
समय पर थोड़ा सा प्रयत्न भी आगे की बहुत-से परेशानियों को बचाता है। -कहावत
'समय फिरै रिपु होहिं पिरीते।'
समय फिरने पर मित्र भी शत्रु हो जाते हैं। -गोस्वामी तुलसीदास
सोने का प्रत्येक धागा मूल्यवान होता है, इसी प्रकार समय का प्रत्येक क्षण भी मूल्यवान होता है। -मेसन
Killing time murders opportunities.

What you will do today, do it NOW.

Whether it is the best of times or the worst of times, it’s the only time we’ve got.
-Art Buchwald

Saturday, August 23, 2008

मन की दुर्बलता Weaknes of Mind

मन की दुर्बलता से अधिक भयंकर और कोई पाप नहीं है। -स्वामी विवेकानंद

आचरण अच्छा हो तो मन में अच्छे विचार ही आते हैं।

Sunday, August 17, 2008

तर्क Logic

कृपया मूर्खों से कभी तर्क मत कीजिये। क्योंकि पहले वे आपको अपने स्तर पर लायेंगे और फिर अपने अनुभवों से आपकी धुलाई कर देंगे।

सृजन Creation

एक बीज बढ़ते हुए कभी कोई आवाज नहीं करता, मगर एक पेड़ जब गिरता है तो जबरदस्त शोर और प्रचार के साथ... । विनाश में शोर है, सृजन हमेशा मौन रहकर समृद्धि पाता है।

Thursday, August 14, 2008

अवसर Opportunity

अवसर उनकी मदद कभी नहीं करता जो अपनी मदद नहीं करते। -सफोक्लिज

ऐसा न सोचो कि अवसर तुम्हारा दरवाजा दोबारा खटखटाएगा। -शैम्फोर्ट

मुझे रास्ता मिलेगा, नहीं तो मैं बना लूँगा। - सर फिलिप सिडनी

समय और सागर की लहर किसी की प्रतीक्षा नहीं करती। - रिचर्ड ब्रेथकेट

तृषित बारी बिनु जो तनु त्यागा। मुंए करइ का सुधा तड़ागा ॥
का वरषा जब कृषी सुखाने। समय चूकि पुनि का पछिताने॥ - गोस्वामी तुलसीदास

यदि मनुष्य प्यास से मर जाए तो मर जाने के बाद उसे अमृत के सरोवर का भी क्या लाभ? यदि कोई मनुष्य अवसर पर चूक जाय, तो उसका पछताना निष्फल है।




मनुष्य के लिए जीवन में सफलता पाने का रहस्य है, हर आने वाले अवसर के लिए तैयार रहना। -डीसरैली

कोई महान व्यक्ति अवसर की कमी की शिकायत कभी नहीं करता।


We are not creatures of circumstances, we are creators of circumstances. - Benjamin Disraeli

Wednesday, August 13, 2008

चिंता Worries

अगर इन्सान सुख-दुःख की चिंता से ऊपर उठ जाए, तो आसमान की ऊंचाई भी उसके पैरों तले आ जाय। -शेख सादी


कार्य की अधिकता मनुष्य को नहीं मारती, बल्कि चिंता मारती है। -स्वेट मार्डेन


चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह।

जिनको कछू न चाहिए, सोई साहंसाह ॥

-कबीरदास

चिंता एक काली दिवार की भांति चारों ओर से घेर लेती है, जिसमें से निकलने की फिर कोई गली नहीं सूझती। -प्रेमचंद

चिंता रोग का मूल है। - प्रेमचंद

बिस्तर पर चिंताओं को ले जाना, पीठ पर गट्ठर बाँध कर सोना है। -हैली बर्टन

प्राणियों के लिए चिंता ही ज्वर है। - शंकराचार्य

चिंताएं, परेशानियां, दुःख और तकलीफें परिस्थितियों से लड़ने से नहीं दूर हो सकतीं, वे दूर होंगी अपनी अंदरूनी कमजोरी दूर करने से जिसके कारण ही वे सचमुच पैदा हुईं है। -स्वामी रामतीर्थ

चिंता करता हूँ मैं जितनी

उस अतीत की, उस सुख की,

उतनी ही अनंत में बनती

जातीं रेखाएं दुःख की। -जयशंकर प्रसाद

उपदेशक Mentor

हमारे लिए चींटी से बढ़कर और कोई उपदेशक नहीं है। वह काम करती है और खामोश रहती है।

Monday, August 11, 2008

विवेक Wisdom

एक ही बात भली बन आई,
जग में कहायो तेरो चेरो॥



बिसरि गई
सब ताति पराई, जब ते साध संगत मोहि पाई।

ना को बैरी न कोई बेगाना, सगल संग हमरी बन आई॥
-गुरु नानक देव
रोग, शत्रु और कर्ज अपने आप बढ़ते हैं। इन्हें तुंरत जड़ से ख़त्म कर देना चाहिए।

Change your thoughts and you change your world।

मंदिर से, तीर्थ से, यात्रा से
हर पग से, हर साँस से
कुछ मिलेगा, अवश्य मिलेगा
पर उतना ही जितने का तू है अपने भीतर से दानी. 
-अज्ञेय 




तुलसी ममता राम सों, समता सब संसार।
राग न रोष न दोष दुःख, दास भये भव पार
- तुलसीदास 






Love people and use things.
Not love things and use people.

क्षमा (Kshama) Forgiveness

गुस्सा आपको छोटा बनाता है, क्षमा आपको विस्तार देती है।



हजरत मोहम्मद जब भी एक गली से गुजरते थे, तो वहां रहने वाली एक झगडालू महिला गलियां देती थी और उनपर कूड़ा फेंकती थी. मोहम्मद साहब ने उसकी गाली का कभी जवाब नहीं दिया. एक दिन जब वे उस गली से गुजरे तो महिला ने न गलियां दीं और न उन पर कूड़ा फेंका. वह वापस लौटे, सीधे सीढियाँ चढ़कर उस महिला के घर पहुंचे. देखा वह बीमार है और उसकी मदद करने वाला कोई नहीं है. मोहम्मद साहब ने उसकी तीमारदारी की. ठीक होने पर महिला ने दोनों हाथ जोड़कर उनसे अपने किये की माफ़ी मांगी. 
मोहम्मद साहब ने कहा, मैंने तो तुम्हे कब का माफ़ कर दिया, पर तुम तक माफ़ी अब पहुंची है. 

किसी को क्षमा करने के लिए अपने दुःख, अहंकार और क्रोध पर काबू पाना बहुत जरुरी होता है. 
- रजनी शर्मा, साभार द बेस्ट आफ स्पीकिंग ट्री   

महत्व Utility

छोटी वस्तुओं का समूह भी कार्यसाधक होता है। तिनकों से बनी रस्सी से मतवाले हाथी बाँध लिए जाते हैं।

आदत Habit

आदत को अगर नहीं रोका जाय तो शीघ्र ही वे लत बन जाती हैं।

Friday, August 8, 2008

दया Compassion

दया सबसे बड़ा धर्म है। - महाभारत

दया दोतरफी कृपा है। इसकी कृपा दाता पर भी होती है और पात्र पर भी। -शेक्सपियर

जहां दया तहं धर्म है, जहां लोभ तहं पाप।
जहां क्रोध तहं काल है, जहां क्षमा आप॥ - कबीरदास

दया धर्म का मूल है, पाप मूल अभिमान।
तुलसी दया न छांड़िए, जब लग घट में प्राण॥ - गोस्वामी तुलसीदास

दया मनुष्य का स्वाभाविक गुण है। -प्रेमचंद

दया के छोटे-छोटे से कार्य, प्रेम के जरा-जरा से शब्द हमारी पृथ्वी को स्वर्गोपम बना देते हैं। -जूलिया कार्नी

मुझे दया के लिए भेजा है, शाप देने के लिए नहीं। - हजरत मोहम्मद

जो असहायों पर दया नहीं करता, उसे शक्तिशालियों के अत्याचार सहने पड़ते हैं। -शेख सादी

न्याय करना ईश्वर का काम है, आदमी का काम तो दया करना है। -फ्रांसिस

हम सभी ईश्वर से दया की प्रार्थना करते हैं और वही प्रार्थना हमें दया करना भी सिखाती है। -शेक्सपियर

जो सचमुच दयालु है, वही सचमुच बुद्धिमान है, और जो दूसरों से प्रेम नहीं करता उस पर ईश्वर की कृपा नहीं होती। -होम

दयालुता दयालुता को जन्म देती है। -सोफोक्लीज

दयालुता हमें ईश्वर तुल्य बनती है। -क्लाडियन

दयालु चेहरा सदैव सुंदर होता है। -बेली

Wednesday, August 6, 2008

नेतृत्व Leadership

नेतृत्व का महत्वपूर्ण नियम है -- सीखने के आनंद की फिर से खोज करना ताकि हम अपनी क्षमताओं और उत्पादकता को बढ़ा सकें।


अगर अंधा अंधे का नेतृत्व करे तो दोनों खाई में गिरेंगे।

Saturday, July 26, 2008

नश्वर Mortality

माली आवत देख के, कलियाँ कहें पुकार।
फूले फूले चुन लिए, कालि हमारी बार॥ - संत कबीर

का मांगू कछु थिर न रही, देखत नैन चला जग जाई।

एक लाख पूत सवा लाख नाती, ता रावण घर दीया न बाती। - संत कबीर

[ क्या मांगू! कुछ कायम नहीं रहता। आंखों देखते दुनिया चली जा रही है। जिस रावण के घर एक लाख पूत और सवा लाख नाती थे, उसके घर में न दीया है, न बाती। ]

माया Illusion

कोई बिरला ही जानता है कि माया और छाया एक-सी हैं। भागते के पीछे फिरती हैं और जो पीछे पड़ता है उसके आगे भागती हैं। - कबीरदास

जो मिथ्या है वह सत्य लगता है और जो सत्य है वह मिथ्या लगता है। - समर्थ गुरु रामदास


माया दीपक नर पतंग, भ्रमि भ्रमि ईवै पडंत।
कहै कबीर गुरु ज्ञान ते, एक आध उबरंत॥ - कबीरदास


अति प्रचंड रघुपति कै माया। जेहि न मोह अस को जग जाया॥ - गोस्वामी तुलसीदास

सुरनर मुनि कोऊ नहीं, जेहि न मोह माया प्रबल।
अस विचारी मन माहीं, भजिय महा मायापतिहीं॥ - गोस्वामी तुलसीदास

देव दनुज मुनि नाग मनुज सब माया विवश बिचारे।
तिनके हाथ दास तुलसी प्रभु कहा अपनपो हारे॥ - गोस्वामी तुलसीदास

माया सत् और असत् से विलक्षण है, अनादि है और सदा ही परमात्मा के आश्रय में रहने वाली है। यह त्रिगुणात्मिका माया ही चराचर जगत को उत्पन्न करती है। - स्वामी शंकराचार्य


ईश्वर सर्वभूतानाम हृदेशेऽर्जुन तिष्ठति।
भ्रामयन सर्वं भूतानि यंत्रारूढ़ा मायया॥ - श्रीमद्भागवत गीता 
[श्रीकृष्ण कहते हैं - हे अर्जुन! ईश्वर सब प्राणियों के हृदय में रहता है और अपनी माया से सब जीवों का इस प्रकार संचालन करता है मानो वे यन्त्र पर सवार हों।]



This world is illusion, but problems are real! - Vijay

Friday, July 25, 2008

समझ Understanding

ईश्वर ने समझ की कोई सीमा नहीं रखी है। - बेकन


समझ मस्तिष्क का प्रकाश है। - विल्स

संघर्ष और उथल-पुथल के बिना जीवन बिल्कुल नीरस हो जाता है। इसलिए जीवन में आने वाली विषमताओं को सह लेना ही समझदारी है। - विनोबा भावे


कष्ट सहने के फलस्वरूप ही हमें बुद्धि - विवेक की प्राप्ति होती है। - डा. राधाकृष्ण



जनता Public

जनता की आवाज परमेश्वर की आवाज है। -सुभाषित


जनता की दृष्टि में विद्या, बुद्धि और प्रतिभा का उतना मूल्य नहीं है, जितना चरित्र बल का। - प्रेमचंद


जनता जो कुछ सीखती है, वह घटना-क्रम की पाठशाला में सीखती है और दुःख दर्द ही उसका शिक्षक है। - जवाहरलाल नेहरू


जनता बलवान मनुष्यों से प्रेम करती है। वह स्त्री की तरह होती है। -मुसोलिनी


सर्वसाधारण जनता की उपेक्षा ही एक बड़ा राष्ट्रीय पाप है। -स्वामी विवेकानंद


राजमहलों की चालबाजियां, सभा-भवनों की राजनीति, समझौते और लेन-देन का जमाना उसी दिन ख़त्म हो जाता है जब जनता राजनीति में प्रवेश करती है। - जवाहरलाल नेहरू

ज्ञानी Gyani

ज्ञानी मनुष्य इस जगत को स्वर्ग में परिवर्तित कर सकता है। - स्वामी शिवानंद

ज्ञानी किसी चीज के न मिलने का अफ़सोस नहीं करता। -हर्बर्ट

ज्ञानी ही सत्य को देख सकते हैं, अज्ञानी नहीं। - ऋग्वेद

एक ही बात भली बन आई, जग में कहायो तेरो चेरो।

ज्ञान Knowledge

यदि तुम्हें मेरे सत्स्वरूप का ज्ञान हो जाए और अन्य किसी प्रकार का ज्ञान न भी हो तब भी तुम सुखी ही होगे। - श्रीकृष्ण



ज्ञान का लक्ष्य सत्य है और सत्य आत्मा की भूख है। - लेसिंग



ज्ञान मानव जीवन का सार है। -आचार्य कुन्दकुन्द



ज्ञानान्मुक्तिःज्ञान से ही मुक्ति होती है। - सांख्य



ज्ञान का मूल्य बहुमूल्य रत्न से भी अधिक है। - निराला




जिस प्रकार अच्छी तरह जलती हुई आग ईंधन को भस्म कर देती है, उसी तरह ज्ञानाग्नि सब कर्मों को भस्म कर देती है। - गीता



ज्ञान की अग्नि सुलगते ही कर्म भस्म हो जाते हैं। - शंकराचार्य

ज्ञान अनंत है। - तैत्तिरीय ब्राह्मण


ज्ञान ही वास्तविक सोना और हीरा है। - स्वामी शिवानन्द



जिसने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर लिया है, उस पर काम और लोभ का विष नहीं चढ़ता। - रामकृष्ण परमहंस



हम सब ज्ञान से युक्त हों, ज्ञान के साथ हमारा कभी वियोग न हो। -अथर्ववेद



सब दानों में ज्ञान का दान ही श्रेष्ठ दान है। - मनुस्मृति




ज्ञानी कौन है ? वह जो अपने ज्ञान का उपयोग करता है। -हजरत मोहम्मद



ज्ञान का अर्थ है आत्मा से आत्म को जानना। - गुरु रामदास




बालि के मरने पर भगवान श्रीराम तारा से कहते हैं : 

तारा विकल देख रघुराया। दीन्ह ग्यान हरि लीन्ही माया।। 
छिति जल पावक गगन समीरा। पञ्च रचित यह अधम सरीरा
प्रगट सो तनु तव आगें सोवा। जीव नित्य केहि लगि तुम्ह रोवा
उपजा ग्यान चरन तब लागी। लीन्हेसी परम भगति बर मागी।  
- गोस्वामी तुलसीदास कृत श्रीरामचरितमानस, किष्किन्धाकाण्ड 

महापुरुष Great Soul

सज्जन पुरूष बादलों के सामान कुछ देने के लिए ही ग्रहण करते हैं। - कालिदास



महापुरुष इस दुनिया से जाने पर ऐसी ज्योति छोड़ जाते हैं, जो उनके दुनिया से जाने के बाद भी कई युगों तक जगमगाती रहती है। - लांङ्गफेलो


जैसे सूर्य आकाश में छिप कर नहीं रह सकता, वैसे ही मार्ग दिखलाने वाले महापुरुष भी संसार में छिपकर नहीं रह सकते.  - वेदव्यास (महाभारत, वन पर्व))

जीवात्मा - परमात्मा Soul - God

पानी और उसका बुलबुला एक ही चीज है। उसी प्रकार जीवात्मा और परमात्मा एक ही चीज है, फर्क यह है कि एक परिमित है, दूसरा अनंत; एक परतंत्र है, दूसरा स्वतंत्र। - रामकृष्ण परमहंस


वेदवाणी

द्वा सुपर्णा सयुजा सखाया समानं वृक्षं परिषस्वजाते।

तयोरन्यः पिप्पलं स्वादवत्त्यनश्ननन्यो अभिचाक शीति॥ - ऋग्वेद 1-164-20

दो पक्षी सुंदर पंखों वाले, साथ-साथ जुड़े हुए, एक दूसरे के सखा हैं। एक वृक्ष को वे सब ओर से घेरे हुए हैं। उनमें से एक वृक्ष के फल को बड़े स्वाद से चख रहा है, दूसरा बिना चखे, सब कुछ साक्षी भाव से सिर्फ़ देख रहा है। जीवात्मा परमात्मा ही ये दो पक्षी हैं, प्रकृति वृक्ष है, कर्मफल इस वृक्ष का फल है, जीवात्मा को कर्मफल मिलता है, परमात्मा प्रकृति से आसक्त हुए बिना, साक्षी भाव से जीव और प्रकृति को देख रहा है यानि दृष्टा मात्र है।


टिप्पणी - ऋग्वेद के इस मंत्र में यह समझाया गया है की प्रकृति रूपी वृक्ष पर दो पक्षी बैठे हैं। एक पक्षी तो जीवात्मा है जो कर्म करता है और वृक्ष रूपी प्रकृति का फल चखता है जबकि दूसरा पक्षी परमात्मा है जो फल चखता नहीं है, कर्ता नहीं है तो भोक्ता भी नहीं है। इस मंत्र से यह तथ्य उजागर होता है कि ईश्वर, जीव और प्रकृति ये तीनों अनादि-अनंत हैं।

ठगना, Cheating

कबीरा आप ठगाइए, और न ठगिये कोय।
आप ठगे सुख ऊपजे, और ठगे दुःख होय॥

It is better to be cheated than to cheat others, says Kabir. Comes happiness if cheated and it gives pain to cheat others.

Sunday, July 20, 2008

चिंतन-मनन Contemplation

मूढ़मति इंसान धन संपत्ति जोड़ने में जीवन खपा डालता है। संचय करने की प्रवृत्ति उसे अशांत बनाए रखती है। मनुष्य पदार्थों की चिंता करता है, लेकिन पदार्थों को देने वाले का चिंतन नहीं करता। जिस दिन वह चिंता की जगह परमात्मा का चिंतन शुरू कर देगा, उसका सहज ही कल्याण हो जाएगा। - आदि शंकराचार्य

A fool wants his life in accumulating wealth. The instinct of accumulation makes him un-peaceful. Man cares for matter but ignores the providence. The day he starts contemplation on God in place of worries, he will easily attain benediction. - Aadi Shankaracharya

हम अपने बारे में जो दृढ़ चिंतन करते हैं, जिन विचारों में संलग्न रहते हैं, क्रमशः वैसे ही बनते जाते हैं। -सुभाषित

आत्मा का अपने साथ बातचीत करना ही मनन है। -प्लेटो

बिना मनन किए पढ़ना, बिना पचाए खाने के सामान है। -वर्क

जिसमें सोचने की शक्ति ख़त्म हो चुकी है, समझ लीजिये वह व्यक्ति बरबाद हो चुका है। -सुकरात


 जैसा सोचोगे वैसा बनोगे. 

गरीबी Poverty

गरीब वह नहीं है जिसके पास कम है, बल्कि धनवान होते हुए भी जिसकी इच्छा कम नहीं हुई है, वह सबसे गरीब है। - विनोबा भावे

किसी भी प्रकार की गरीबी हमारा ईश्वर से उचित सम्बन्ध जोड़ देती है जब कि हर प्रकार की अमीरी, चाहे मन की हो या धन की, हमारा उससे विच्छेद करा देती है। - फ्रेंक क्रासले

गरीबी दैवीय अभिशाप नहीं, मानवीय सृष्टी है। -महात्मा गाँधी


जो गरीबों पर दया करता है, वह अपने कृत्यों से ईश्वर को ऋणी बनाता है। -इंजील


'मैं गरीब हूँ' यह कहकर किसी को पाप कर्म में लिप्त नहीं होना चाहिए। -तिरुवल्लुवर


उस मनुष्य से गरीब कोई नहीं है, जिसके पास केवल पैसा है। - एडविन पग


गरीब रोटी खोजता है और अमीर भूख। -डेनिश कहावत


गरीबों के सिवाय कुछ ही ऐसे इंसान हैं जो गरीबों के बारे में सोचते हैं। -एल० ई० लन्डन


गरीबी अपमानजनक नहीं है, बल्कि इसकी भयावहता पीड़ादायक है। -मिल्टन बेरेल



Poverty is not humiliating but its dreadfulness is painful. - Milton Barel

हृदय Heart

हृदय की ओर लगने से मनुष्य विश्वास करना सीखता है। -सुभाषित

Leaning towards the heart Man learns to trust.

ज्ञानी मनुष्य का हृदय दर्पण के समान होना चाहिए जो किसी वस्तु को बिना दूषित किए हुए परावर्तित कर देता है। - कनफ्यूशस

जिनके हृदय में भगवान का वास है, उनके यहाँ सर्वदा उत्सव, सर्वदा मंगल और सर्वदा लक्ष्मी का निवास होता है। -रामानुजाचार्य

एक सच्चा हृदय सारे संसार की विलक्षण शक्तियों से मूल्यवान है। - प्रेमचंद

मुखमंडल हृदय का दर्पण है। - प्रेमचंद

अपनी या अपनों की बुराइयों पर शर्मिंदा होना सच्चे हृदयों ही का काम है। - प्रेमचंद

अकेलापन Solitude

वे कभी अकेले नहीं होते, जिनके पास आदर्श विचार हैं। -सर फिलिप सिडनी

People with ideals are never in solitude. - Sir Philip Sidny

जिस प्रकार सूर्य अकेला ही अपनी किरणों से समस्त संसार को प्रकाशित कर देता है, उसी प्रकार एक ही वीर अपनी शूरता और पराक्रम से सारी पृथ्वी को अपने पैरों तले कर लेता है। -भर्तहरि

जो अकेले चलते हैं, वे शीघ्रता से बढ़ते हैं। - नेपोलियन

संसार में सबसे शक्तिशाली मनुष्य वही है जो सबसे अकेले खड़ा होता है। -इब्सन

प्रेम Love

प्रेम भगति जल बिनु रघुराई। अभिअंतर मल कबहुँ न जाई।।   - गोस्वामी तुलसीदास 

प्यार करना, स्नेह लुटाना मनुष्य का सबसे कर्तव्य है। जो कुछ तुम सहर्ष उदारतापूर्वक दोगे, वह अप्रत्याशित तरीकों से तुम्हारे जीवन को समृद्ध कर जाएगा। -ईसा मसीह

प्रेम रीति से जो मिले,
तेसो मिलिए धाय।
अन्तर राखे जो मिले,
तासों मिलै बलाय॥ - कबीरदास



प्रेम असीम विश्वास है, असीम धैर्य है और असीम बल है। -प्रेमचंद

प्रेम आत्मा से होता है, शरीर से नहीं। -भगवतीचरण वर्मा



प्रेम और संशय कभी साथ-साथ नहीं चलते। -खलील जिब्रान

प्रेम का एक ही मूलमंत्र है और वह है सेवा। - प्रेमचंद


प्रेम का नाता संसार के सभी संबंधो से पवित्र और श्रेष्ठ है। - प्रेमचंद


प्रेम की पवित्रता का इतिहास ही मनुष्य की सभ्यता का इतिहास है, उसका जीवन है। -शरतचंद्र चटर्जी


प्रेम क्रय नहीं किया जाता, वह अपने आप को अर्पित करता है। -लांग फेलो


प्रेम की शक्ति दंड की शक्ति से हजार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है। -महात्मा गाँधी


प्रेम दो प्रेमियों के बीच पारदर्शी परदा है। -खलील जिब्रान


प्रेम मृत्यु से अधिक शक्तिशाली है, मृत्यु जीवन से अधिक शक्तिशाली है। यह जानते हुए भी मानव-मानव के मध्य कितनी संकुचित सीमा खिंची है। -खलील जिब्रान

प्रेम व्यथा तन में बसे, सब तन जर्जर होय।
राम वियोगी न जिए, जिए तो बौरा होय॥ -कबीरदास

प्रेम हमें अपने पड़ोसी अथवा मित्र पर ही नहीं, अपितु जो हमारे शत्रु हैं, उन पर भी रखना है। -महात्मा गाँधी


मनुष्य की समस्त दुर्बलताओं पर विजय प्राप्त करने वाली अमोघ वस्तु प्रेम मेरे विचार से परमात्मा की सबसे बड़ी देन है। -डॉ० राधाकृष्णन




सच्चा प्रेम स्तुति से प्रकट नहीं होता, सेवा से प्रकट होता है। -महात्मा गाँधी

सच्चे प्रेम में मनुष्य अपने आपको भूल जाता है। -स्वामी रामतीर्थ

केवल प्रेम को ही नियम भंग करने का अधिकार है। -स्वामी रामतीर्थ

प्रेम के स्पर्श से हर व्यक्ति कवि बन जाता है। -प्लेटो

हमारे अन्तर में यदि प्रेम न जाग्रत हो, तो विश्व हमारे लिए कारागार ही है। -रविंद्रनाथ ठाकुर

प्रेम पियाला जो पिये, शीश दक्षिणा देय ।
लोभी सीस न दे सके, नाम प्रेम का लेय॥ -कबीरदास

स्वामी हम तुम एक हैं, कहन-सुनन को दोय।
मन से मन को तौलिये, कबहुं न दो मन होय॥ -रसनिधि

जब आप किसी के बारे में फ़ैसला लेने लगते हैं तो प्यार करना भूल जाते हैं। - मदर टेरेसा



सच्चा इश्क मिलन में नही, तड़पन में है। -रहीम कवि
Real love is not in joining but in separaton.
- Poet Rahim


इश्क ने हमें निकम्मा बना दिया, वरना हम भी आदमी थे काम के। -मिर्जा गालिब
Love turned me a non-endeavor, I was a creative man, otherwise. - Mirza Galib
 

जहाँ प्रेम और भक्ति नहीं, वहां परमात्मा नहीं. - गुरु रामदास 

उत्साह Passion

उत्साह आदमी की भाग्यशीलता का पैमाना है। -तिरुवल्लुवर

Passion is an indication of fortune. - Tiruvalluvar

उत्साह सफलता को निमंत्रण देता है। -महर्षि अरविन्द

Passion invites success. - Maharshi Arvind


बिना उत्साह के कभी किसी उच्च लक्ष्य की प्राप्ति नहीं होती है। -इमर्सन

उत्साही पुरूष कठिन से कठिन काम आ पड़ने पर भी हिम्मत नहीं हारते हैं। - वाल्मीकि रामायण

दाग Vulnerability

हर उज्जवल वस्तु में जल्दी दाग लग जाते हैं। -प्लेटो

Clean things are blotted easily. - Plato 

Saturday, July 19, 2008

अंहकार Ego

अंहकार मिटा दे, ईश्वर मिल जाएगा। -कबीरदास

Give up ego and you will find God. - Kabirdas

पत्थर के खम्भे के सामान जीवन में कभी न झुकने वाला अंहकार आत्मा को नरक की ओर ले जाता है। -महावीर स्वामी


अंहकार छोड़े बिना सच्चा प्रेम नहीं किया जा सकता। -स्वामी विवेकानंद

कबीरा गर्व न कीजिये, काल गहे कर केस।

ना जाने कहं मारिसी, क्या घर क्या परदेस॥ -कबीरदास


किसी के बहकाने पर एक दिन पेड़ ने पत्तों से कहा, "तुम बहुत घमंडी हो गए हो और यह भूल गए हो कि तुम्हारा अस्तित्व मेरी कृपा पर निर्भर है।" पत्ते कुछ देर तक खामोश रहे फ़िर बोले, "नहीं ऐसा नहीं है। हमारे बिना आपका अस्तित्व भी अधूरा है। यदि आप असहमत हैं तो हम आपसे अलग हो रहें हैं।" इतना कहकर पत्ते एक-एक करके पेड़ से गिर पड़े। काफ़ी समय गुजर गया। इस पेड़ पर पत्ते नहीं हुए। तब उस पेड़ को सूखा जानकर जड़ से नष्ट कर दिया गया।

उपयोग Utility

इस संसार में कुछ भी अनुपयोगी नहीं है। सबका कुछ न कुछ उपयोग है। -चरक

Nothing is useless in this world. Everything is useful some way or the other. - Charak

What you will do today, do it NOW.


Procrastination makes easy things hard, hard things harder.

अजेय Invincible

एक ईश्वरीय शक्ति ही अजेय है। -ऋषि अंगिरा

Only the power of God can not be overpowered. - Saint Angira 

सत्य Truth ......

एक ईश्वर के अलावा सबकुछ असत्य है। - मुण्डक उपनिषद्

All except God is untruth. - Mundak Upnishad

ईश्वर प्रत्येक मनुष्य को सच और झूठ में एक को चुनने का अवसर देता है। -इमर्सन

लक्ष्मी Wealth

लक्ष्मी उद्यमी पुरूष के पास ही रहती है। -सुभाषित

Wealth abodes industrious. 

धन का फल है धर्म, जिसमे ज्ञान, विज्ञान और शान्ति मिलती है। -भागवत

Fruit of wealth is Dharma which showers Knowledge, Science, and Peace. - भगवत




पाप की कमाई घर में आती हुई तो मालूम होती है, पर जाने के लिए भी उसके हजारों पैर लग जातें हैं. 

उदारता Generosity

उदारता मनुष्य का श्रेष्ठ गुन है। -चार्वाक

Generosity is the virtue of Man. - Charvak

महानता और उदारता साथ-साथ चलती है। देने का अर्थ ही प्यार करना है और प्यार करना, स्नेह लुटाना मनुष्य का सबसे कर्तव्य है। जो कुछ तुम सहर्ष उदारतापूर्वक दोगे, वह अप्रत्याशित तरीकों से तुम्हारे जीवन को समृद्ध कर जाएगा। -ईसा मसीह

यह मेरा है, यह दूसरे का है -- ऐसा संकीर्ण ह्रदय वाले मानते हैं। उदार चित्त वाले तो सारे संसार को एक कुटुंब समझते हैं। - सुभाषित

This is mine, that is thine — is a narrow thought. Generous people consider the whole world like a family.


भाग्य Fortune

आज का पुरुषार्थ ही कल का भाग्य है। -पाल शिरट

भाग्य साहसी मनुष्य की सहायता करता है। -वर्जिल

मनुष्य अपने भाग्य का स्वयं ही निर्माता है। -स्वामी रामतीर्थ

मृत अतीत को दफना दो, अनंत भविष्य तुम्हारे सामने है और स्मरण रखो कि प्रत्येक शब्द, विचार और कर्म तुम्हारे भाग्य का निर्माण करता है। -विवेकानंद

सौभाग्य दरवाजा खटखटाता है और पूछता है - "क्या समझदारी घर में मौजूद है ?"

भाग्य पर वह भरोसा करता है, जिसमें पौरुष नहीं होता। -प्रेमचंद

भाग्यचक्र लगातार घूमा करता है, कौन कह सकता है कि आज मैं उच्च शिखर पर पहुँच जाऊंगा। -कन्फ्यूशस

भाग्य के भरोसे बैठे रहने पर भाग्य सोया रहता है, और साहसपूर्वक खड़े होने पर भाग्य भी उठ खड़ा होता है।

ब्रह्मा से कुछ लिखा भाग्य में मनुज नहीं लाया है।
अपना सुख उसने अपने भुजबल से ही पाया है॥ -रामधारी सिंह दिनकर

प्रत्येक व्यक्ति का भाग्य एक बार अवश्य उदय होता है। यह बात अलग है कि वह उसका कितना लाभ उठाता है। -भृगु


Fortune must kisses everyone. How it is used is a different issue. - Bhrigu



ईश्वर या प्रारब्ध या भाग्य को कोसने से कोई लाभ नहीं क्योंकि अपने को अपमान और लांछना की स्थिति में ला पटकने की सारी जिम्मेदारी हमारी है। - सुभाषित


It is no use to curse God, destiny or luck, none but we are responsible to throw ourselves in indignity and contempt.


अपने पुरुषार्थ से अर्जित ऐश्वर्य का ही दूसरा नाम सौभाग्य है।

जो कुछ भी होता है, वह अच्छे के लिए होता है। ईश्वर के पास हमेशा एक बेहतर योजना होती है।

उम्मीद Hope

उम्मीद पर दुनिया कायम टिकी है। -सुभाषित

The world rests on hope. 

निराशावादी हर अवसर में मुश्किल देखता है, आशावादी को हर मुश्किल में अवसर दिखाई देता है। -विंसटल चर्चिल

A pessimist finds problem in all situation and the optimist finds opportunity in all problems. - Winston Churchill 


सफलता Safalta Success

एकाग्र रहने वाला सदा सफलता का वरण करता है। - अत्रि मुनि
Concentration always wins success. - Sage Atri

Failure is an event never a person.

कोई भी काम एक दिन में नहीं सफल होता। काम एक पेड़ की तरह होता है। पहले उसकी आत्मा में एक बीज बोया जाता है, हिम्मत की खाद से उसे पोषित किया जाता है और मेहनत के पानी से उसे सींचा जाता है, तब जाकर सालों बाद वह फल देने के लायक होता है। -स्टीवन स्पीलबर्ग


सफलता के लिए इन्तजार करना आना चाहिए। पौधे से फल की इच्छा रखना मूर्खता से अधिक कुछ भी नही है। -स्टीवन स्पीलबर्ग


असफलता सफलता प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अपने मस्तिष्क को अपना रास्ता स्वयं खोजने की शक्ति दीजिये।

मेहनत कीजिये लेकिन बिना योजना के नहीं। एक-एक कदम उठाइए। जब एक कदम उठा चुके हों तब तैयारी करें।



आकांक्षा क्षणिक नहीं होती, न ही उन्मादी होती है।

आवेग कहता है,- रुको मत, चलते रहो। ढ्लो मत, निखरते रहो।

हर सुबह मैं अपनी आँखे खोलता हूँ उस भविष्य को सँवारने के लिए जो मेरे लिए खास है। हर रात मैं अपनी आँखे बंद कर लेता हूँ और देखता हूँ कि मेरा लक्ष्य थोड़ा और मेरे पास है।

प्रयासरत रहिये - keep jumping
सुख संजोइए - harbour happiness

सफल लोग अपने मस्तिष्क को इस तरह का बना लेते हैं कि उन्हें हर चीज सकारात्मक व खूबसूरत लगती है।

असल में सफल लोग अपने निरंतर विश्वास से जीतते हैं लेकिन वे असफलताओं का मुकाबला भी उसी विश्वास से करते हैं।

सफलता के लिए विश्वास पैदा कीजिये। असफल होने पर भी उस विश्वास को कायम रखिये।

सफलता सार्वजनिक उत्सव है, जबकि असफलता व्यक्तिगत शोक।
-थामस जेफरसन

सफल व्यक्ति सकारात्मक ढंग से प्रशंसा करते हैं और हँसी मजाक पर बुरा नहीं मानते। वे उत्साह फैलाते हैं। उनकी सकारात्मकता चारो तरफ़ फैलती है और उसकी खुशबु हर जगह बिखरती रहती है।

सफल लोग सबकी परवाह करते हैं। उनका यह लिहाज भी उन्हें दूसरों से अलग बनाता है।

प्रयासों को प्रोत्साहित कीजिये।
तुम मुझे प्रोत्साहित करो, में तुम्हें कभी नहीं भूलूंगा। - विलियम आर्थर बार्ड

अपनी सृजनात्मकता को तराशते रहिये।
Hone your creativity.

बदलती मनः स्थिति ही एक स्वस्थ व रचनाशील व्यक्तित्त्व की निशानी है।

नकल नहीं, सृजन करिए।
Never immitate, always create.

प्रयास करें अपने मन के छिद्रों को पहचान कर उन्हें  भरने  का. 

सोचें और लिखें :
मेरी विशेषताएँ
बदलाव की आवश्यकता
मैं कैसे बदलाव करना चाहता हूँ।

हम जो भी हैं, जो कुछ भी करते हैं, वह तभी होता है जब हम उसे वास्तव में करना चाहते हैं। -पाओले कोएले



जहाज समंदर के किनारे सर्वाधिक सुरक्षित रहता है। मगर क्या आप नहीं जानते कि उसे किनारे के लिए नहीं, बल्कि समंदर के बीच में जाने के लिए बनाया गया है ?

A successful person is one who lays a firm foundation with the bricks that others throw at him/her. -David Brinkley


हमारी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम अपने जीवन का प्रतिक्षन, प्रतिघंटा और प्रतिदिन कैसे बिताते हैं. 


जिसने अपने को वश में कर लिया है, उसकी जीत को देवता भी हार में नहीं बदल सकते.  - महात्मा बुद्ध 

एकांत Solitude

मुझे एकांत से बढ़कर योग्य साथी कभी नहीं मिला। -थोरो

I never met a better companion than solitude. - Thoreau

एकांत प्रतिभा की पाठशाला है। -गिबन

Solitude is the school of talent. - Gibon 

औषधि Medicine

सभी औषधि में सर्वोत्तम है -- विश्राम और निराहार। - फ्रेंकलिन 

Rest and fasting are the best medicines. - Franklin 

अस्थिरता Instability

इस संसार का कण-कण नर्तन कर रहा है, अर्थात सब कुछ अस्थिर है। कुछ भी स्थिर नहीं है। - तुलसीदास

Every particle of this world is dancing, nothing is stable. - Saint Tulsidas

परिश्रम Hardwork

कठोर परिश्रम से मनुष्य सब कुछ प्राप्त कर सकता है। -चार्वाक



न रगड़ के बिना रत्न पर पालिश होती है, न कठिनाइयों के बिना मानव में पूर्णता आती है। -लाओ रसे



लक्ष्मी उद्यमी पुरूष के पास ही रहती है। -सुभाषित


संयम और परिश्रम मनुष्य के दो सर्वोत्तम चिकित्सक हैं।

आप कुछ भी कर पाने में सक्षम हैं चाहे वह आपकी सोच हो, आपका जीवन हो या आपके सपने हों, सब सच हो सकते हैं . आप जो चाहें वह कर सकते हैं. आप इस अनंत ब्रह्माण्ड की तरह ही अनंत संभावनाओं से परिपूर्ण हैं. - शेड हेल्म्स्तेटर 


आलस्यं हि मनुष्याणाम शरीरस्थो महारिपुह 
मनुष्य शरीर का सबसे बड़ा शत्रु आलस्य हि है.    

जागरूकता Awareness

हर कदम फूंक कर रखो, सुखी रहोगे। -अरस्तु

प्रयत्न Efforts

कण-कण जुटाने पर ही घोंसला बनता है। -कौटिल्य

जिसके जीवन में प्रयत्नशीलता नहीं है, वह या तो पशु है या मुक्त है। -साने गुरु जी

अगर किसी मकसद के लिए खड़े हो तो एक पेड़ की तरह रहो और गिरो तो बीज की तरह ताकि दुबारा उगकर उसी मकसद के लिए जंग कर सको।

It does not matter
how long you go,
as long as
you do not stop.


God gives the nuts, but he does not crack them. – Franz Kafka

Don’t stop on the top, touch the sky before you drop. -Scorpions

कमजोरी Weakness

तुम्हारी कमजोरी अगले की ताकत है। -बाबर

कपट Deceit

हर आदमी एक दूसरे की कलई खोलने में लगा रहता है। - सुभाषित

कपटी एक न एक दिन पतन की खाई में गिरता है। - विदुर

परिवर्तन Transformation

कलेवर मत बदलो, आत्मा को बदलो।


हम सब में शक्ति है बदलाव लाने की. 
एक नई पृथ्वी की शुरुवात आपसे ही होती है.  - एकहार्ट तऑल  

बदलाव के लिए जो सबसे अपरिवर्तनशील और कठोर होगा, वाही सबसे पहले नष्ट होगा. - एकहार्ट तऑल   

पर्यावरण Environment

हमारी सुरक्षा, हमारी अर्थव्यवस्था और हमारे ग्रह के लिए बदलाव लाने का हममें साहस और प्रतिबद्धता होनी चाहिए। - बराक ओबामा, अमेरिकी राष्ट्रपति

प्रकृति को बुरा-भला न कहो। उसने अपना कर्तव्य पूरा किया, तुम अपना करो। - मिल्टन

हमारा पर्यावरण हमारे रवैये और अपेक्षाओं का आइना होता है। - अर्ल नाइटेंगल

पृथ्वी दिवस - 22 अप्रैल 2009
हम चाहे कहीं भी रहे, पर्यावरण की देखभाल करना हमारे लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। छोटे स्तर पर काम शुरू करें। दस या बीस मित्रों के साथ पृथ्वी दिवस मनाएं। अगले वर्ष यह बहुत बड़ा समूह हो जाएगा और उसके बाद यह जागरूकता विश्व भर में फैल जायेगी।
- सूसन किसकिस, अमेरिकी नागरिक

गलतियां Mistakes

गलतियों से सीखकर हमारा काम आसान बन जाता है और गलतफहमियां हमारा काम मुश्किल कर डालती हैं।

The only man who makes no mistakes is the man who never does anything.
- Odore Roosevelt

महानता Greatness

महानता और उदारता साथ-साथ चलती है। देने का अर्थ ही प्यार करना है और प्यार करना, स्नेह लुटाना मनुष्य का सबसे कर्तव्य है। जो कुछ तुम सहर्ष उदारतापूर्वक दोगे, वह अप्रत्याशित तरीकों से तुम्हारे जीवन को समृद्ध कर जाएगा। -ईसा मसीह

जो ख़ुद को छोटा बताते हैं, वही आगे चलकर महान बनते हैं और जो ख़ुद को महान बताते हैं, वे छोटे बन जाते हैं।

कीचड़ में कमल होता है। बुरे से ही अच्छाई का जन्म होता है। - सुभाषित

कमल खिलता है तो भँवरे आते ही हैं। गुण है तो प्रशंसक आयेंगे ही। - चाणक्य

एक छोटा सा कण भी शक्ति रखता है। -चाणक्य



उदित होते हुए सूर्य को सभी नमस्कार करते हैं। -चाणक्य

Sunday, July 13, 2008

उन्नति

त्रुटियों के संशोधन का नाम ही उन्नति है। - लाला लाजपतराय


सबकी उन्नति में ही अपनी उन्नति समझनी चाहिए। -स्वामी दयानंद सरस्वती


स्त्री की  उन्नति या अवनति पर ही राष्ट्र की उन्नति या अवनति समझनी चाहिए। -अरस्तू



प्रत्येक को अपनी उन्नति में संतुष्ट नहीं रहना चाहिए, किंतु सबकी उन्नति में ही अपनी उन्नति समझनी चाहिए। -दयानंद स्वामी



हमारी सबसे बड़ी शान कभी न गिरने में नहीं है, बल्कि जब-जब हम गिरें, हर बार उठने में है। -कन्फ्युशियस



जो आप न उठना चाहे अपने पैरों पर भाई।
उन हीन जनों की जग में कर सकता कौन भलाई। - रामेश्वर करुण



स्वयं की उन्नति में ध्यान दो तो दूसरों की निंदा का समय ही नहीं मिलेगा।

वक्त

आप वक्त को बदल नहीं सकते इसलिए ख़ुद को बदलने की कोशिश करें, वक्त आपके अनुकूल हो जाएगा।
हर दिन, हर सुबह एक नया उजाला, नया संदेश लेकर आता है।
हर दिन एक मित्र के रूप में अनेक उपहार लेकर आता है। तुम उसका स्वागत न कर सको तो वह प्रतीक्षा करके अपने समस्त उपहारों को वापास लेकर चला जाता है। छोटे से इस जीवन में हर दिन का स्वागत करें ताकि प्रभु के उपहारों से सजकर आपका जीवन उत्सव बने और आप भाग्यशाली बने।
जिंदगी में जब सौभाग्य का सूर्य छिपने लगता है तो दुनिया के सब दरवाजे बंद हो जाते हैं, लेकिन एक दरवाजा ऐसा है जो कभी बंद नही होता। वह है परमपिता परमात्मा का दर। उससे अपना रिश्ता जोड़े रखना चाहिए, उसके कान चींटी की आवाज भी सुनते हैं। वह गूंगे की भाषा भी समझता है। उसे ह्रदय से पुकारो, वह सुनेगा जरुर। -स्वेट मार्डेन
जो वक्त की कदर करता है, वक्त उसकी क़द्र करता है लेकिन वक्त को बेकार मत जाने दो।

लोग

मुश्किल लोग हर जगह हैं। आपको बदलाव की जरुरत है, उन्हें नहीं।

उपलब्धि

मेरे लिए उपलब्धि सक्रियता में है, जितने सर्वश्रेषठ ढंग से मैं बीज बो सकता हूँ। उतने बेहतर ढंग से मैं उन्हें बोता हूँ और उसके बाद सब कुछ ईश्वर पर छोड़ देता हूँ। -डी प्रताप सिंह रेड्डी

सही पथ

हम एक आदर्श रास्ते की खोज में दिनोदिन इन्तजार करते रहते हैं कि शायद वह अब मिलेगा मगर हम भूल जाते हैं कि रास्ते चलने के लिए बनाये जाते हैं, इन्तजार के लिए नहीं।



जब एक बार सही पथ के अनुगमन की इच्छा ही नहीं रहे तो यह अनुभूति ही नहीं हो सकती कि ग़लत क्या है।

इच्छा

इच्छाओं को आगे न बढ़ने दो तो फिर तुम ख़ुद जीवन में आगे ही बढ़ते जाओगे।

दुःख और भय की प्रतीति इच्छा के कारण ही होती है। इच्छा से विहीन व्यक्ति दुःख और भय से मुक्त रहता है। -भगवान बुद्ध

फ़ैसला

जब आप किसी के बारे में फ़ैसला लेने लगते हैं तो प्यार करना भूल जाते हैं। -मदर टेरेसा

God’s delays are not His denials.

कर्म, Karma

जैसा बोएंगे वैसा ही पाएंगे। - बाइबिल

कर्मों की ध्वनि सबसे ऊँची होती है।

कुछ लोग उन चीजों को देखते हैं, जो हैं और पूछते हैं कि वे ऐसी क्यों हैं, मैं उन चीजों के स्वप्न देखता हूँ, जो कभी नहीं थीं और कहता हूँ कि वे क्यों नहीं हो सकती हैं। - जॉर्ज बर्नार्ड शो

सबसे आसान काम है दोष ढूँढना और सबसे मुश्किल काम है करना इसलिए लोग आसान काम करते हैं।

प्रार्थना Prayer

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःख भामवेत॥
सभी सुखी हों, सभी निरोगी हों, सभी सज्जन दिखाई पडे, किसी को भी दुःख न हो।






हे जग के करतार तेरी कहा अस्तुति कीजै
तू ही एक अनेक भयो है, अपनी इच्छा धार
तू ही सिरजे तू ही पालै, तू ही करै सँहार
जित देखूँ  तित तू-ही-तू है, तेरा रूप अपार।
तू ही राम, नारायण तू ही, तू ही कृष्ण मुरार।
साधों की रक्षा के कारण, युग युग ले औतार।
तू ही आदि अरु मध्य तुही है, अंत तेरा उजियार।
दानव देव तुही सुं  प्रकटे, तीन लोक विस्तार।
जल थल में व्यापक है तू ही, घट-घट बोलंहार।
तुझ बिन और कौन है ऐसो, जासों करों पुकार।
तू ही चतुर शिरोमणि है प्रभु, तू ही पतित उधार।
चरणदास शुकदेव तुही है, जीवन प्राण अधार


- भक्त शिरोमणि चरणदास 

नीति Ethics

पुस्तकें और धर्म-नीतियों को पढ़ने का तब तक कोई लाभ नहीं जब तक इस पर अमल न किया जाए।

सादगी Simplicity

सादगी और कम बोलने से बहुत कुछ मिलता है, ज्यादा तर्क देने से कुछ मिलता नहीं बल्कि उपहास उड़ता है।